पशु – चालित निंदाई यंत्र
किसान भाई आप के पास बैल
है तो आप इस बैल से केवल जुताई ही नहीं बल्कि आप खरपतवार नियंत्रण में लासकते है |
आप की फसल क्यारियों में रोपा हुआ है तो आप इसे
उपयोग में ला सकते है | इसी जानकारी को किसान
समाधान ने लेकर आया है |
जब फसल क्यारियों में 45
– 60 से.मी. की दूरी पर बोई
जाती है तब पशु – चालित निंदाई यंत्रों का
उपयोग किया जाता है | मुख्य पशु – चालित निंदाई यंत्र एम.पी. डोरा, बारडोली हो, अकोला हो, त्रिफाली आदि यंत्र पशु –
शक्ति से खींचकर चलाये जाने वाले निंदाई यंत्र
हैं | कृषकों के द्वारा पशु –
चालित एक लाइन वाले हो विभिन्न प्रदेशों में
अधिकांशत: उपयोग में लाये जाते हैं |
सीधी ब्लेड वाले एवं
हल्की गोलाकार ब्लेड का उपयोग साधारनतया किया जाता है | फसल की क्यारियों की दूरी के अनुसार ब्लेड की चौडाई चुन ली
जाती है | बहु – क्यारियों के निंदाई यंत्रों का उपयोग भी
गुजरात एवं महारष्ट्र में किया जाता है | ताकि निंदाई का कार्य समय पर पूरा किया जा सके | पशु – चालित टूलबार एवं मलती
परपज टूल फ्रेम (पहियेदार) का उपयोग भी अधिक चौडाई में बोई गयी फसलों में निंदाई
कार्य के लिए किया जाता है | भू – क्यारियों वाली टूल फ्रेम में स्टीयरेबल टूल
बार का उपयोग किया जाता है |
पशु – चालित निंदाई यंत्रों में स्थिर टाइन में स्वीप
, चौड़ी समतल स्वीप (डगफूट –
स्वीप) एवं शांवेल आकार की ब्लेड लगायी जाती है
| चौड़ी त्रिकोण आकार की
ब्लेड हो का भी उपयोग पशु – चालित निंदाई यंत्रों में
किया जाता है | त्रिकोण आकार वाली ब्लेड
वाले पशु चालित हो मिटटी को अधिक पलट देते हैं | सीधी ब्लेड वाले बखर का उपयोग भी निंदाई कार्य में अधिक
सक्षम होता है |
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