टमाटर की फसल में फल छेदक एवम समाधान
इस कीट के द्वारा हानि रोपाई के तुरन्त बाद से लेकर अंतिम तुड़ाई तक होती है। वयस्क मादा मक्खी पत्तियों की निचली सतह पर कलियों एवं फलों पर अडे़ देती है। बाद की अवस्था में इल्ली फलों में छेंद कर प्रवेश करती है और गूदे को खा जाती है।
नियंत्रण- सड़े और संक्रमित फलों को नष्ट करें। फल छेदक के नियंत्रण हेतु रोपाई से 20 दिन पहले फेरोमोन ट्रेप 16 प्रति एकड़ बराबर की दूरी पर लगाए। यदि कीट संख्या अधिक हो तो मल्टीप्लायर@250 ग्राम + आल क्लियर 35 मिली +कृष्णा स्प्रे प्लस 10 मिली + इंडोक्साकार्ब 14.5 एस सी (अवांट/ फिगो)200मि.ली प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में छिड़कें।
टमाटर में फल कम आने का कारण
टमाटर में फल कम आने का कारण फसल में संतुलित खाद का न देना हो सकता है।देशी टमाटर को 60 किलो नत्रजन, 80 किलो फास्फोरस तथा 60 किलो पोटाश की आवश्यकता होती है। जबकि हाइब्रिड टमाटर को 80 किलो नत्रजन, 120 किलो फास्फोरस तथा 80 किलो पोटाश प्रति हेक्टेयर चाहिए। इसे जितनी नत्रजन की आवश्यकता होती है उतनी ही पोटाश भी चाहिए।यह तत्व पौधों को देने के बाद भी उपलब्ध नहीं हो पाते यदि खेत में पर्याप्त जैविक खाद उपलब्ध न हो, यदि आपके खेत में बोरान की कमी है तब भी पौधा पोषक तत्व अवशोषित नहीं कर पाता है।अभी आप मल्टीप्लायर के साथ पोटेशियम नाइट्रेट या 10:19:19 घुलनशील उर्वरक का छिड़काव फसल में कर लें।
No comments:
Post a Comment