Friday, January 26, 2018

असमय पकने लगी गेहूं की फसल (Untreated wheat crop)

असमय पकने लगी गेहूं की फसल 

भोपाल, जनवरी मौसम की बेरुखी की मार मध्य प्रदेश में गेहूं की फसल पर नजर आने लगी है। प्रदेश के विंध्य अंचल में जिन किसानों ने नवंबर में गेहूं की बुवाई की थी, नवंबर और दिसंबर में उनकी वृद्धि प्रभावित हुई और अब छोटे आकार की फसल पर ही बालियां नजर आने लगी हैं।
     कृषि विज्ञान केंद्र मझगंवा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह कहते हैं कि तापमान के चलते गेहूं की इस फसल की बढ़वार और पैदावार दोनों पर असर होगा। उन्होंने बताया कि मौजूदा तामपान देर से बोयी गयी फसलों के लिए अनुकूल है लेकिन समय पर बोयी गयी फसलों को यह प्रभावित कर रहा है। विंध्य प्रदेश के सतना जिले के कई इलाकों में गेहूं की अत्यंत कम ऊंचाई वाली फसल पर बालियां नजर रही हैं इससे किसान चिंतित हैं। उचेहरा के किसान राम अवतार कहते हैं कि उनके खेत में बिना पूरी सिंचाई और यूरिया डाले ही बालियां गयी हैं।

     उपसंचालक कृषि रामशिरोमणि शर्मा कहते हैं कि मौसम की गर्माहट और कम बारिश ने फसल की वृद्धि को प्रभावित किया है। निश्चित तौर पर इसका असर उत्पादन पर भी पड़ेगा। हां, अगर मावठा गिरता है तो जरूर पौधों को कुछ लाभ हासिल हो सकता है। स्थानीय किसानों का कहना है कि अगैती की फसल यानी समय से पहले तैयार होने वाली फसल कतई ठीक नहीं होती है। यानी इस वर्ष इस क्षेत्र में गेहूं की खेती करने वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।

No comments:

Post a Comment