Monday, February 5, 2018

खेती की लागत कम करने के लिए ड्रीप सिंचाई संयंत्र गन्ना किसानों के यहां स्थापित कराये जायेंगे ( In order to reduce the cost of cultivation, drip irrigation plant will be set up here at sugarcane farmers.)

खेती की लागत कम करने के लिए ड्रीप सिंचाई संयंत्र गन्ना किसानों के यहां स्थापित कराये जायेंगे


    भारत सरकार द्वारा किसानों की आय वर्ष 2022 तक दुगुनी किये जाने के कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों का क्रियान्वयन करने हेतु गन्ना विकास विभाग उ.प्र. द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ड्रीप सिंचाई संयंत्र किसानों के यहां स्थापित कराये जायेंगे तथा इन संयंत्रों का अधिकतम लाभ प्राप्त करने हेतु इन्हें सौर ऊर्जा से संचालित सोलर पम्पों से जोड़ा जायेगा।
    यह जानकारी श्री संजय भूसरेड्डी, आयुक्त, गन्ना एवं चीनी ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि सिंचाई का सर्वोत्तम समय सूर्यास्त से सूर्योदय तक है। सोलर पम्पों को ड्रीप सिंचाई संयंत्र से संबद्ध करने पर किसान दिन में ओमर हेड टैंक में पानी भरकर संध्याकाल से सुविधाजनक एवं प्रभावी तरीके से गन्ने की सिंचाई कर सकेंगे। ड्रीप सिंचाई अपनाने पर गन्ने की दो पंक्तियों के बीच शस्य क्रियायें करने, उर्वरकों का समुचित सदुपयोग होने तथा अन्तःफसली खेती का अवसर बढ़ जाने से गन्ने की उत्पादन लागत में कमी तथा कृषकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होती है।

    आयुक्त ने बताया कि सोलर पम्पों को ड्रीप सिंचाई संयंत्र से संबद्ध करने से जल एवं ऊर्जा का समुचित एवं समन्वित उपयोग होगा। खेत में पानी का दुरुपयोग/ओवर फ्लडिंग की संभावना समाप्त होगी तथा उर्वरकों का भरपूर लाभ प्राप्त होगा। जिससे किसान की लागत में कमी आयेगी तथा गन्ने की उपज में वृद्धि से अधिक आय की प्राप्ति होगी।

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