डेयरी इकाई स्थापित करने हेतु (डेयरी विकास) बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा दिया जाने वाला ऋणउद्देश्य
दो से चार दुधारू पशुओं के साथ लघु डेयरी इकाई स्थापित करना ।नई मध्यम/वृहद् इकाई स्थापित करना ।दूध का संग्रह, प्रसंस्करण, वितरण तथा दुग्ध-उत्पादों का निर्माण करना ।उन्नत/संकर नस्ल के दुधारू पशुओं की खरीद ।पशुशाला का निर्माण ।किसे दिया जाता है
किसान, कृषिश्रमिक, पंजीकृत एसएचजी/भागेदारीफर्म, लिमिटेडकंपनियां, डेयरीसहकारीसोसायटियां, स्व यंसहायतासमूह/जेएलजी।
(वाणिज्यिक डेयरी के लिए परियोजना रिपोर्ट आवश्यक है।)
वित्तपोषण की प्रमात्रा
नाबार्ड द्वारा अनुमोदित इकाई लागत/परियोजना लागत के अनुसार
प्रतिभूति
प्रमुख/संपार्श्विक
• रु.1 लाख तक की ऋण सीमा
1) पशुधनआदिकादृष्टिबंधक
• रु.1 लाख से अधिक की ऋण सीमा
1) पशु धन आदि का दृष्टिबंधक
2) भूमि का बंधक या कृषि ऋण अधिनियम के अनुसार घोषणा अथवा समुचित मूल्य की संपार्श्विक प्रतिभूति
3) समुचित मूल्य की थर्ड पार्टी गारंटी
मार्जिनरु.1 लाख तक के ऋण – शून्यरु.1 लाख से अधिक के ऋण – 15% से 25 %ब्याज दर
बैंक द्वारा समय-समय पर यथा निर्धारित ब्याज दर
ऋण किस तरह चुकाया जायेगा
2 से 3 महीने की ऋणस्थगन अवधि के साथ 5 से 6 वर्षों में चुकौती की जानी चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए नजदीकी बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा में संपर्क करें।
दो से चार दुधारू पशुओं के साथ लघु डेयरी इकाई स्थापित करना ।नई मध्यम/वृहद् इकाई स्थापित करना ।दूध का संग्रह, प्रसंस्करण, वितरण तथा दुग्ध-उत्पादों का निर्माण करना ।उन्नत/संकर नस्ल के दुधारू पशुओं की खरीद ।पशुशाला का निर्माण ।किसे दिया जाता है
किसान, कृषिश्रमिक, पंजीकृत एसएचजी/भागेदारीफर्म, लिमिटेडकंपनियां, डेयरीसहकारीसोसायटियां, स्व यंसहायतासमूह/जेएलजी।
(वाणिज्यिक डेयरी के लिए परियोजना रिपोर्ट आवश्यक है।)
वित्तपोषण की प्रमात्रा
नाबार्ड द्वारा अनुमोदित इकाई लागत/परियोजना लागत के अनुसार
प्रतिभूति
प्रमुख/संपार्श्विक
• रु.1 लाख तक की ऋण सीमा
1) पशुधनआदिकादृष्टिबंधक
• रु.1 लाख से अधिक की ऋण सीमा
1) पशु धन आदि का दृष्टिबंधक
2) भूमि का बंधक या कृषि ऋण अधिनियम के अनुसार घोषणा अथवा समुचित मूल्य की संपार्श्विक प्रतिभूति
3) समुचित मूल्य की थर्ड पार्टी गारंटी
मार्जिनरु.1 लाख तक के ऋण – शून्यरु.1 लाख से अधिक के ऋण – 15% से 25 %ब्याज दर
बैंक द्वारा समय-समय पर यथा निर्धारित ब्याज दर
ऋण किस तरह चुकाया जायेगा
2 से 3 महीने की ऋणस्थगन अवधि के साथ 5 से 6 वर्षों में चुकौती की जानी चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए नजदीकी बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा में संपर्क करें।
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