Sunday, March 25, 2018

सरसों के उन्नत फसल ( Mustard Crop Crops)

सरसों के उन्नत फसल 

फसल चक्र: असिंचित क्षेत्रों के लिए निम्नलिखित फसल चक्र-
1) धान - तोरिया - सूरजमुखी
2) खरीफ चारा - तोरिया - गन्ना - गन्ना रेटून
3) कपास - राया
4) मक्का - राया - जायद मूंग
5) कपास - गोभी सरसों
6) बाजरा/ गुआर - अफ्रीकन सरसों
मिश्रित खेती :-
1) बारानी क्षेत्रों में चने की 1 कतार बाद 4 कतार सरसों की लगानी चाहिए। चने और सरसों के बीच कतार दूरी 30 cm की रखे।
2) मध्ये सितंबर में तोरिया और गोभी सरसों को एक साथ बुवाई करने से 12 क्विंटल/ एकड़ उपज मिलती हैं। एक कतार तोरिया और एक कतार गोभी सरसों की 22.5cm की दूरी रख कर बिजाइ करें। दोनों का प्रति एकड़ एक एक किलो बीज प्रयोग करे। तोरिये की कटाई मध्य दिसंबर में होगी जब कि गोभी सरसों मार्च तक रहती हैं।

बिजाई की तकनीक

खेत की त्यारी

खेत की तैयारी के लिये 1 बार गहरी जुताई करे तथा बाद मे 3 या 4बार हैरो चलाये। इसके बाद पाटा लगा कर खेत समतल करे।


उन्नत किस्मे:
1. आर.एच 30 - बारानी क्षेत्रों के लिए उचित हैं। 135-140 दिन में पकाव अवस्था अनुमानित उपज -8-9 क्विंटल/ एकड़ तेल40% .           
2. टी-59- सम्पूर्ण प्रदेश के लिए उचित, पकाव अवस्था 140-142 दिन अनुमानित उपज -8-9 क्विंटल/ एकड़ तेल प्रतिशत 40% .         
3. सौरभ - झुलसा, रोली, तुलसीता के प्रति सहनशील पकाव अवस्था 150 दिन अनुमानित उपज- 9-10 क्विंटल / एकड़, तेल40% .       
 4. आर.बी 50- बारानी क्षेत्रों के लिए उचित हैं। 146 दिन में पकाव अवस्था अनुमानित उपज -7.2 क्विंटल / एकड़, तेल 39% .             
5 लक्ष्मी-सिंचित क्षेत्रों के लिए उचित हैं। 145 दिन में पकाव अवस्था अनुमानित उपज -9-10 क्विंटल/ एकड़, तेल 40%        .               
6. आर एच 781- पकाव अवस्था 140 दिन अनुमानित उपज - 8 क्विंटल / एकड़, तेल 40% 
7. आर एच 819- बारानी क्षेत्रों के लिए उचित हैं। 148 दिन में पकाव अवस्था अनुमानित उपज -5.5क्विंटल/ एकड़ तेल 40% .      .     
8.स्वर्ण ज्योति- सिंचित देर से बोई जाने वाली किस्म हैं 125 दिन में पकाव अवस्था अनुमानित उपज- 7-8 क्विंटल / एकड़ तेल 40% .                                             
9. आर एच 0406- सिंचित असिंचित क्षेत्र के लिए उपयोगी बोई जाने वाली किस्म हैं 145 दिन में पकाव अवस्था अनुमानित उपज- 8.5-9 क्विंटल / एकड़, तेल 39%
10.आर एच 0749- सिंचित क्षेत्र के लिए उपयोगी बोई जाने वाली किस्म हैं 145-148 दिन में पकाव अवस्था अनुमानित उपज -10-11 क्विंटल / एकड़ तेल 40%
11.गीता- सिंचित क्षेत्र के लिए उपयोगी बोई जाने वाली किस्म हैं 147दिन में पकाव अवस्था अनुमानित उपज-8 क्विंटल / एकड़ तेल 40% ।
12. भूरी सरसों- 136दिन में पकाव अवस्था अनुमानित उपज-5 क्विंटल / एकड़ तेल 44%।

बीज दर:- सिंचित क्षेत्रों के लिए 1.25 किलो ग्राम प्रति एकड़ और असिंचित क्षेत्रों के लिए 2किलोग्राम प्रति एकड़ से लेवें।

बीजोपचार

जड़ सड़न रोग से बचाव के लिए बीज को बुवाई के पूर्व फफूंदनाशक वीटावैक्स, कैपटान, साफ, सिक्सर, थिरम, प्रोवेक्स मे से कोई एक 3 ग्राम दवा प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करे.     

कीटो से बचाव हेतु ईमिडाक्लोप्रिड 70 डब्लू.पी ( गऊचो) 9 ml प्रति किलो बीज उपचरित करें।   

कीटनाशक उपचार के बाद मे एज़ेटोबॅक्टर तथा फॉस्फोरस घोलक  जीवाणु  खाद दोनो की 5 ग्राम मात्रा से प्रति किलो बीजो को उपचारित कर बोएँ।

बिजाई की विधि

बुवाई का तरीका - कतार से कतार की दूरी 30 cm व पौधे से पौधे की दूरी 10 cm रखे तथा बीज की गहराई 5 cm रखे.अतः असिंचित क्षेत्रों में बीज गहराई नमी अनुसार रखे।     

समय - सरसों की बुवाई 25 सितंबर से 10 अक्तूबर तक करनी चाहिए ।           
2. राया की बुवाई 25 सितम्बर से 30 अक्तूबर तक करनी चाहिए।             
3. तारामीरा की बुवाई 25 अक्तूबर में करनी चाहिए।                 
4. जहां यदि तोरिया के बाद गेहूं की फसल लेनी हो तों अगस्त में बुवाई करनी चाहिए।

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